सूरत, 20 अगस्त: निहार सरसवाला द्वारा लिखित नई प्रकाशित पुस्तक “वी डु नॉट ईवन एक्सिस्ट!” अब एमेज़ोन, फ्लिपकार्ट, गूगल बुक्स, और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।
मुख्य रूप से बच्चों के लिए लिखी गई यह पुस्तक पारंपरिक कहानी-कथन से आगे बढ़कर रोज़मर्रा के निर्णयों, मानवीय व्यवहार, रिश्तों, संवेदनशीलता, ज़िम्मेदारी, परिणामों और बच्चों के दुनिया को देखने के नज़रिए जैसे विषयों को सामने रखती है। रोचक और विचारोत्तेजक परिस्थितियों के माध्यम से यह पुस्तक बच्चों को केवल उत्तर देने के बजाय ठहरकर सोचने, देखने और स्वयं समझने के लिए प्रेरित करती है।
इस पुस्तक को इसके लेखक के जीवन और अनुभव एक विशेष आयाम प्रदान करते हैं।
निहार सरसवाला को 59 से अधिक पुरस्कार मिल चुके हैं और वे दो यूनिक वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के धारक हैं। सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, सशक्तिकरण और जनसंपर्क के क्षेत्र में उनके व्यापक कार्यों के लिए उन्हें विभिन्न स्तरों पर पहचान मिली है। उनके एक वर्ल्ड रिकॉर्ड के अंतर्गत मात्र चार घंटे में 38 स्थानों पर 51,000 से अधिक बच्चों के बीच पर्यावरण जागरूकता का संदेश पहुँचाया गया, जिसे 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों से जुड़ा दुनिया का सबसे बड़ा ‘गो ग्रीन कैंपेन’ माना गया।
उनका दूसरा वर्ल्ड रिकॉर्ड उनके अनूठे ‘ग्रीन परिक्रमा’ अभियान के माध्यम से बना। वर्ष 2019 में सरसवाला ने मात्र 988 डॉलर के ऑल-इन्क्लूसिव खर्च में मलेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर, वियतनाम और इंडोनेशिया – इन पाँच देशों की यात्रा कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाया। इस अभियान में इन पाँचों देशों के शीर्ष अधिकारियों की सहभागिता और सहयोग भी रहा। पर्यावरण जागरूकता का संदेश फैलाने के उद्देश्य से इतनी विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय यात्रा को एक यूनिक वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में मान्यता मिली।
हालाँकि, ये सरसवाला के व्यापक सामाजिक कार्यों की केवल कुछ प्रमुख झलकियाँ हैं। उनके अनेक अभियान पर्यावरण जागरूकता, महिला सशक्तिकरण, जनस्वास्थ्य और नागरिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में रहे हैं। इनमें गुजरात सरकार के ‘महिला सशक्तिकरण पखवाड़े’ के दौरान 450 पुलिसवुमन के लिए सशक्तिकरण-केंद्रित ट्रेनिंग सेशन आयोजित करना तथा दक्षिण गुजरात पुलिस बल के 4,500 कर्मियों के लिए निःशुल्क व्यापक स्वास्थ्य जाँच अभियान की संकल्पना कर उसे सफलतापूर्वक कार्यान्वित करना प्रमुख हैं।
उनके योगदान को अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से भी सम्मानित किया गया है, जिनमें ब्रांडिंग और मार्केटिंग में उत्कृष्टता के लिए बॉलीवुड अभिनेता सोहेल खान द्वारा प्रदान किया गया ‘ऑनर–2018 अवॉर्ड’, ‘ज्वेल ऑफ द नेशन अवॉर्ड 2017’ और ‘मोस्ट एमिनेंट पर्सनैलिटीज ऑफ सूरत 2016’ शामिल हैं। मतदान के महत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जन-जागरूकता उत्पन्न करने के लिए उन्हें तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री स्वर्गीय विजय रुपाणी द्वारा ‘गुजरात नु गौरव’ के रूप में प्रशंसा-पत्र भी प्राप्त हुआ। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान सोशल मीडिया कैंपेनिंग में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें ‘नरेंद्र मोदी – सीएम टू पीएम’ पुस्तक में भी स्थान मिला।
यही व्यावसायिक अनुभव, सामाजिक सहभागिता और वर्षों तक लोगों तथा समाज को करीब से देखने-समझने का अनुभव “वी डु नॉट ईवन एक्सिस्ट!” में एक अलग रूप में दिखाई देता है।
यह पुस्तक लोगों, परिस्थितियों और हमारे आसपास की दुनिया को देखने के सरसवाला के अपने नज़रिए को प्रतिबिंबित करती है। इसकी कहानियाँ बच्चों को सतही बातों से आगे देखने, अलग-अलग दृष्टिकोणों को समझने और यह महसूस करने के लिए प्रेरित करती हैं कि कभी-कभी छोटे-से-छोटे निर्णय भी लोगों और परिस्थितियों पर प्रभाव डाल सकते हैं।
वहीं, यह पुस्तक बड़ों को भी परिचित परिस्थितियों को एक बच्चे के दृष्टिकोण से देखने का अवसर देती है। माता-पिता और शिक्षकों के लिए यह विचार करने का अवसर बन सकती है कि बच्चों को केवल क्या सिखाया जाता है, उससे अधिक महत्वपूर्ण यह भी है कि वे अपने आसपास के लोगों से क्या देखते हैं, क्या समझते हैं और क्या अपने भीतर ग्रहण करते हैं।
इसलिए “वी डु नॉट ईवन एक्सिस्ट!” केवल किसी एक आयु वर्ग तक सीमित पुस्तक नहीं है। यह बच्चों के लिए जानने-समझने, बड़ों के लिए आत्मचिंतन करने और दोनों पीढ़ियों के लिए साथ बैठकर संवाद करने वाली पुस्तक है।
वर्षों के अनुभव, सामाजिक सहभागिता और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ संवाद से विकसित विचारों के साथ निहार सरसवाला इस पुस्तक में केवल कहानियाँ नहीं, बल्कि एक दृष्टिकोण लेकर आते हैं। यही “वी डु नॉट ईवन एक्सिस्ट!” को बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी एक विचारोत्तेजक और सार्थक पुस्तक बनाता है।














