आदि बोध फाउंडेशन ने केंद्रीय मंत्री श्री चिराग पासवान से देशभर के रेस्तरां में एक समान खाद्य परोसने की मात्रा के मानक तय करने पर विचार करने का किया अनुरोध

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नई दिल्ली: आदि बोध फाउंडेशन ने माननीय केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान से देशभर के रेस्तरां में व्यावहारिक एवं एक समान खाद्य परोसने की मात्रा (Food Portion) के मानक निर्धारित करने पर विचार करने का अनुरोध किया है। फाउंडेशन का मानना है कि यह पहल भारत में खाद्य बर्बादी को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

इस दौरान माननीय मंत्री श्री चिराग पासवान ने भारत में खाद्य बर्बादी की समस्या से निपटने के महत्व पर सहमति व्यक्त की और इस क्षेत्र में अपने दिवंगत पिता स्वर्गीय श्री राम विलास पासवान जी द्वारा किए गए प्रयासों को भी स्मरण किया। उन्होंने फाउंडेशन को आश्वस्त किया कि इस प्रस्ताव को खाद्य बर्बादी की गंभीर समस्या तथा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा विभिन्न मंचों से जिम्मेदार खाद्य उपभोग और खाद्य बर्बादी को रोकने के लिए किए गए आह्वान के संदर्भ में जांचा एवं विचार किया जाएगा।

श्री अरविंद कुमार, संस्थापक, आदि बोध फाउंडेशन, ने कहा: “खाद्य बर्बादी केवल भोजन की बर्बादी नहीं है, बल्कि यह हमारे किसानों की मेहनत, पानी, ऊर्जा और देश के बहुमूल्य संसाधनों की भी बर्बादी है। हमने माननीय मंत्री जी से देशभर के रेस्तरां के लिए एक समान और व्यावहारिक खाद्य परोसने की मात्रा के मानक की संभावना पर विचार करने का अनुरोध किया है। हमारा उद्देश्य रेस्तरां या उपभोक्ताओं पर किसी प्रकार का प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से भोजन परोसने और उसका उपभोग करने की संस्कृति को बढ़ावा देना है।”

उन्होंने आगे कहा: “हम माननीय मंत्री जी की सकारात्मक प्रतिक्रिया और उनके दिवंगत पिता श्री राम विलास पासवान जी द्वारा किए गए प्रयासों के स्मरण के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। ऐसे गतिशील युवा मंत्री के नेतृत्व में हमें विश्वास है कि इस प्रस्ताव पर गंभीरता और तत्परता से विचार किया जाएगा और यह एक अधिक जिम्मेदार एवं खाद्य-सचेत भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बन सकता है।”

आदि बोध फाउंडेशन ने खाद्य बर्बादी को कम करने के लिए सरकार, रेस्तरां एसोसिएशन, हॉस्पिटैलिटी उद्योग और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ मिलकर व्यावहारिक, लचीले और उद्योग-अनुकूल ढांचे के निर्माण में सहयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

“भोजन की हर थाली में जिम्मेदारी — खाद्य बर्बादी के खिलाफ सामूहिक संकल्प।”


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