मौसमी फ़्लू से बचने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय में गर्म भांप लेना और औषधीय लेप सबसे कारगर उपाय

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आजकल के माहौल के मद्देनज़र जानकारों ने आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करने पर ज़ोर देते हुए गर्म भांप लेने, हल्दी युक्त दूध पीने और योग करने की सलाह दी है

मॉनसून के दौरान वायरस के आसानी से फैलने का खतरा रहता है. इसे देखते हुए ज़रूरी है कि

हम अपनी प्रतिकारक शक्ति और श्वास लेने की प्रणाली को और मज़बूत व पहले से और बेहतर बनाएं. आज के माहौल को देखते हुए आयुष मंत्रालय ने लोगों के लिए स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाये जानेवाले कदमों से संबंधित निर्देशों को जारी किया है, जिनमें अपनी प्रतिकारक क्षमता को बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश के साथ श्वास प्रणाली को और मज़बूत बनाने‌ पर ख़ासा ज़ोर दिया गया है. इन उपायों में अवरोधों को दूर करने‌ के लिए नियमित रूप से गर्म भांप लेना, प्रतिकार शक्ति रखनेवाले हल्दी युक्त दूध का सेवन और सेहममंद रहने के लिए योग करने जैसे उपायों को शामिल किया गया है.

अनिश्चितता के इस दौर में हम सभी अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को लेकर बेहद सतर्क हैं, मगर हमें 6 तरह के मौसमी फ़्लू के लक्षणों के बारे में जानकारी होनी चाहिए, जो हैं – सांस लेने में परेशानी, नाक का बंद होना, खांसी, बदन दर्द, सिरदर्द और शुरूआती तौर पर मांसपेशियों में खिंचाव का एहसास. आजकल फ़ैमिली डॉक्टरों के पास जाने की उतनी आज़ादी नहीं है. ऐसे में जानकारों की राय लेकर लक्षणों पर‌ उपाय करें तो बेहतर होगा. हम घर में बैठे-बैठे सर्दी, खांसी को ठीक करने के उपाय कर सकते हैं. इस विषय पर बात करते हुए आयुर्वेद सलाहकार और पंचकर्म फ़िज़िशियन कुणाल मानेक कहते हैं, जैसे-जैसे मॉनसून करीब आता है, वैसे-वैसे हमारे लिए यह बेहद ज़रूरी हो जाता है कि किटाणुओं और वायरस के विरुद्ध हम शरीर की प्राकृतिक प्रतिकारक शक्ति को और बढ़ाएं और उसे और मज़बूत करें. जब शरीर सर्दी के ख़िलाफ़ लड़ रहा होता है तो ऐसे में फ़्लू के लक्षणों के राहत पाने का सबसे कारगर और आसान उपाय है गर्म भांप का लेना, जिसका लोग बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं. गर्म भांप लेने में पुदीना के पत्तों, अजवाइन सूखी खांसी और ख़राब गले को ठीक करने में कारगर उपाय साबित होता है. आप पुदीना, अजवाइन, कपूर और नीलगिरी की सहायता से बने औषधीय लेप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे खांसी और सर्दी के लक्षणों से राहत मिल जाती है. 

मॉनसून के दौरान हवा में अधिक नमी होने की वजह से वायरस के और भी सशक्त होने की आशंका रहती है. ऐसे में इस तरह के उपायों के चलते बंद नाक, सांस लेने में तकलीफ़ और खांसी से छुटकारा मिलता है. प्रभावी ढंग से गर्म भांप लेने के लिए औषधीय लेप को गर्म पानी (उबलते हुए पानी में नहीं) में डालें, सिर पर एक तौलिया रखें और अंदर की ओर गर्म भांप लें. यह लेप आसानी से औषधीय दुकानों पर उपलब्ध हैं. अगर दर्द से जुड़े लक्षण नज़र आयें तो सीधे तौर पर इसे दर्दवाली जगह पर लगाएं. हमेशा लेबल पर दिये दिशा-निर्देशों के अनुसार ही इसका इस्तेमाल करें. औषधीय लेप को गर्म पानी में न डालें. लेप को फिर से पानी के साथ गर्म न करें. इसके बावजूद लक्षण नज़र आयें तो डॉक्टर से संपर्क करें. 

संदर्भ : कोविड-19 के इस दौर में ख़ुद की देखभाल के लिए ज़रूरी प्रतिकारक क्षमता को बढ़ाने के लिए आयुर्वेदीय उपाय -आयुष मंत्रालय, भारत सरकार. लिंक: Link: https://www.ayush.gov.in/docs/123.pdf


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